
रामलीला मैदान रैली: 10 लाख का दावा, 1984 पीड़ितों का विरोध
रामलीला मैदान रैली को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA गठबंधन रैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होनी है। इससे पहले 1984 दंगा पीड़ित विरोध की घोषणा कर चुके हैं, जबकि कांग्रेस नेता अलका लांबा ने रैली की तारीख न बदलने की बात कही और करीब 10 लाख लोगों के आने का दावा किया।

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1 नवंबर रैली: मुद्दा क्या है
ANI के अनुसार INDIA गठबंधन का “दिल्ली चलो” मार्च 1 नवंबर को रामलीला मैदान पर समाप्त होगा। यह कथित “वोट चोरी” और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ है, और रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। ये विपक्ष के आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग का इन पर कोई जवाब इन रिपोर्ट्स में नहीं मिला। रैली से पहले 30 अक्टूबर को गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक “जन महाभियोग” कार्यक्रम भी करेगा।
1984 पीड़ितों का विरोध और शाह को पत्र
1 नवंबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या (31 अक्टूबर 1984) के बाद दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़के थे। इसी तारीख को लेकर 1984 दंगा पीड़ित परिवारों ने रैली का विरोध करने की घोषणा की है।
- गृह मंत्री को पत्र: अमर उजाला के अनुसार पीड़ित परिवार अमित शाह को पत्र लिखकर रैली की अनुमति न देने की मांग करेंगे। IANS ने लिखा है कि पीड़ितों ने यह पत्र लिख दिया है; पत्र भेजे जाने के समय पर दोनों रिपोर्ट्स में स्पष्टता नहीं है।
- विरोध की योजना: IANS के अनुसार पीड़ित और विधवाएं, रैली होने पर रामलीला मैदान पहुंचकर विरोध करने की बात कह रहे हैं। परिवार 1 से 5 नवंबर तक प्रार्थना और धार्मिक कार्यक्रम भी करेंगे।
- पीड़ितों का पक्ष: 1984 के पीड़ित कमलजीत सिंह ढीर ने रैली को “शर्मनाक” बताया और कहा कि कांग्रेस को रैली के बजाय पीड़ितों से माफी मांगनी चाहिए। पीड़ितों ने मुआवजे को अपर्याप्त बताया और सवाल उठाया कि रैली के लिए 1 नवंबर ही क्यों चुना गया।
- कांग्रेस की ओर से: IANS की रिपोर्ट में कांग्रेस या राहुल गांधी का जवाब नहीं है। INDIA गठबंधन की ओर से जेबी माथर ने कहा कि तारीख संयुक्त फैसला थी और उसमें कोई खास बात नहीं है।
10 लाख लोगों का दावा
अमर उजाला के अनुसार अलका लांबा ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के आने का दावा किया। ANI के अनुसार कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कम से कम 10 लाख नागरिक शामिल होंगे, और CPI सांसद पी. संदोष कुमार को भी करीब 10 लाख की उम्मीद है। ये आयोजकों के अनुमान हैं, स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े नहीं। CPI ने 15,000 से 20,000 लोग लाने की बात कही है।
भाजपा और विपक्ष की प्रतिक्रिया
- भाजपा: रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर 1 नवंबर को रैली कर रहे हैं, जिससे सिख भावनाएं आहत होंगी, और तारीख न बदलने की निंदा की। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी 1984 के दंगों का हवाला देकर कांग्रेस से सवाल किए।
- कांग्रेस और सहयोगी: कांग्रेस ने कहा कि रैली तय तारीख पर ही होगी। जेबी माथर ने तारीख को गठबंधन का संयुक्त फैसला बताया। CPI सांसद संदोष कुमार ने भाजपा की टिप्पणियों को “बेतुका” कहा।
यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप है; किसी पक्ष के दावे की स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्ट्स में नहीं है।
व्यापारियों की मांग
ANI के अनुसार चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (अध्यक्ष: बृजेश गोयल) ने रैली भाई दूज (10 नवंबर) के बाद करने का अनुरोध किया है। उसने धनतेरस (6 नवंबर), दिवाली (8 नवंबर) और भाई दूज के त्योहारी कारोबार का हवाला दिया, दिल्ली में धनतेरस कारोबार का अनुमान करीब ₹25,000 करोड़ बताया, और कहा कि अक्टूबर में सड़क बंदी से व्यापारियों को करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हुआ। ये व्यापार संगठन के अनुमान हैं। संगठन के अनुसार रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में 20 बड़े बाजार हैं। अलका लांबा ने व्यापारियों से चिंता न करने को कहा और कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग दिल्ली के बाजारों से खरीदारी करेंगे।
पुलिस अनुमति और आगे की तारीखें
- दिल्ली पुलिस की NOC: न्यूज24 के अनुसार DCP (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के लिए रामलीला मैदान पर कार्यक्रम की NOC दी गई है। पुलिस ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था पर आयोजकों से समन्वय कर रही है। अमर उजाला की खबर में अनुमति की स्थिति का जिक्र नहीं है।
- 30 अक्टूबर: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक “जन महाभियोग” (ANI)।
- 1 नवंबर: रामलीला मैदान में रैली।
- 1 से 5 नवंबर: पीड़ित परिवारों के प्रार्थना कार्यक्रम (IANS)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामलीला मैदान रैली कब है?
1 नवंबर 2026 को, कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA गठबंधन की ओर से।
1984 दंगा पीड़ित क्यों विरोध कर रहे हैं?
उनका कहना है कि 1 नवंबर 1984 की सालगिरह पर राजनीतिक रैली उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है।
क्या रैली की तारीख बदलेगी?
कांग्रेस नेता अलका लांबा के अनुसार नहीं; रैली 1 नवंबर को ही होगी।
नोट: यह खबर 24-25 अक्टूबर 2026 तक की मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है; स्थिति बदल सकती है। इसमें सभी पक्षों के दावे उनके नाम के साथ दिए गए हैं। और खबरें पढ़ें: देश-विदेश
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