
अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: 30 साल नहीं बनेगी सरकार
अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में यमुना की सफाई से जुड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में सामने आया। केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष के “वोट चोरी” अभियान और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस को अगले 30 साल सत्ता में आने का मौका नहीं मिलेगा। आज ही अमित शाह का 62वां जन्मदिन भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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अमित शाह ने क्या कहा?
अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार शाह ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं (अंग्रेजी रिपोर्ट्स के उद्धरणों का हिंदी भावार्थ):
- देश समझ चुका है कि आप और आपके साथी अवैध घुसपैठियों के वोट बचाना चाहते हैं।
- मुझे पता है आप मेरी आवाज नहीं सुन सकते, क्योंकि आप कहीं विदेश में बैठे हैं।
- धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होता। पड़ोसी राज्यों से कार्यकर्ता जुटाकर दिल्ली में प्रदर्शन करके और राजनीतिक चालों व “भीड़शाही” के जरिए जनता के जनादेश को खारिज नहीं किया जा सकता।
- जहां आप हारते हैं, वहां चुनाव आयोग स्वीकार्य नहीं होता, और अदालतें तभी अच्छी लगती हैं जब फैसला आपके पक्ष में आता है।
शाह ने यह भी कहा कि भाजपा लगातार सत्ता में चुनी जा रही है और विपक्ष “वोट चोरी” के नारे से अपनी हार को छिपाना चाहता है। आम आदमी पार्टी पर भी उन्होंने यमुना के लिए कुछ न करने का आरोप लगाया।
30 साल वाले दावे का क्या मतलब?
रिपोर्ट्स के मुताबिक शाह ने कहा, “आप जिस तरह की नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, उसे देखते हुए मैं कह रहा हूं कि अगले 30 साल आपकी सरकार नहीं बनेगी।” यह उनके एक राजनीतिक अनुमान या दावे के रूप में कहा गया है। शाह ने इसके समर्थन में कई राज्यों में कांग्रेस के चुनावी रिकॉर्ड का हवाला दिया, जैसे गुजरात और उत्तर प्रदेश में 41 साल, पश्चिम बंगाल में 54 साल और तमिलनाडु में 64 साल से सत्ता से बाहर रहना। ये आंकड़े शाह ने खुद बताए हैं और आर्यन एज की रिपोर्ट में उन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं बताया गया है।
चुनाव आयोग और SIR पर शाह का तर्क
शाह ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में जब विपक्ष जीता तब भी यही ईवीएम और यही चुनाव आयोग था, और तब किसी को आपत्ति नहीं थी। उनके अनुसार विपक्ष को जनता की समस्याएं समझने और जहां उसकी सरकारें हैं वहां योजनाओं को पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
विपक्ष का रुख
रिपोर्ट्स के अनुसार इंडिया गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर “वोट चोरी” अभियान चला रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। टाइम्स नाउ हिंदी के अनुसार गठबंधन की इस अभियान पर ऑनलाइन बैठक भी होनी है। इस विषय पर विपक्ष का कहना है कि प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं, जबकि चुनाव आयोग और सत्तापक्ष इसे नकारते हैं। देखी गई रिपोर्ट्स में शाह के ताजा बयान पर कांग्रेस, राहुल गांधी या आम आदमी पार्टी की सीधी प्रतिक्रिया दर्ज नहीं मिली। प्रतिक्रिया आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
जन्मदिन पर शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह को उनके 62वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यकाल में आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने की बात कही। टाइम्स नाउ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार यही दिन शाह के इस कार्यक्रम का भी रहा, जिसमें दिल्ली जल बोर्ड की करीब 33 परियोजनाओं, लगभग ₹8,941 करोड़ की लागत से, शुरू की गईं।
जरूरी सवाल-जवाब
अमित शाह ने यह बयान कहां दिया?
दिल्ली के नजफगढ़ में यमुना सफाई परियोजनाओं के कार्यक्रम में।
30 साल वाली बात किस बारे में है?
शाह के दावे के मुताबिक कांग्रेस को अगले 30 साल सत्ता में आने का मौका नहीं मिलेगा।
क्या शाह ने राहुल गांधी को “देश-विरोधी ताकतों” से जोड़ा?
कुछ सारांशों में ऐसा लिखा गया है, लेकिन हमारी जांची गई रिपोर्ट्स में शाह के ऐसे शब्द दर्ज नहीं मिले। वहां उनका आरोप वोट चोरी के नारे के जरिए घुसपैठियों के वोट बचाने का है।
यह रिपोर्ट अलग-अलग समाचार स्रोतों पर आधारित है; बयान राजनीतिक आरोप हैं और दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया आने तक अधूरे हैं। देश की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए पढ़ें देश-विदेश की ताजा खबरें और जुड़े रहें आज की बात के साथ।
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