
Ram Mandir Chadava Chori Vivad: Congress ka Desh Vyapi Andolan, 10 July ko Ek Sath Press Conference
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है और इसे गांव-गांव तक ले जाने की रणनीति बनाई है।
क्या है पूरा मामला
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की नकदी और आभूषणों में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। बढ़ते विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, और कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने दावा किया कि मंदिर में 40 दिनों के भीतर करीब 70 बार चोरी हुई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद किया था, इसलिए वे इस प्रकरण की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने पीएम से ट्रस्ट सदस्यों के चयन को लेकर माफी की भी मांग की है। पार्टी 10 जुलाई को देशभर में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने सवालों की सूची सार्वजनिक करेगी।
भाजपा और ट्रस्ट का पक्ष
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही अब इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी बयान दिया था कि यह मामला सिर्फ धन की चोरी नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।
जमीनी स्तर पर प्रदर्शन
चंदौली, वाराणसी और आगरा सहित कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्राएं और विरोध मार्च निकाले हैं। आगरा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
मामले को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, और आने वाले दिनों में इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है।




