रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भारी आवाजाही देखी जा रही है। होटल, धर्मशालाएं और टेंट सिटी लगभग पूरी तरह भर चुकी हैं।
त्रिवेणी संगम पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Paush Purnima Prayagraj Triveni Sangam crowd बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। संगम क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था बदली
पौष पूर्णिमा के मद्देनज़र प्रयागराज शहर में ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। संगम क्षेत्र तक पहुंचने के लिए शटल बसों की व्यवस्था भी की गई है।
साधु-संतों और कल्पवासियों की बढ़ी संख्या
संगम क्षेत्र में कल्पवासियों और साधु-संतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अखाड़ों के शिविरों में धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। सुबह-शाम गंगा आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और डॉक्टरों की तैनाती की है। साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि घाटों और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई बनी रहे।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि—
- भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- निर्धारित मार्गों और घाटों का ही उपयोग करें
आस्था और व्यवस्था का संगम
पौष पूर्णिमा से पहले प्रयागराज में उमड़ी यह भीड़ न केवल आस्था की शक्ति को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की भी परीक्षा है। श्रद्धालुओं के उत्साह और प्रशासन की सतर्कता के बीच संगम नगरी एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का भव्य उदाहरण बनकर उभरी है।
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