📈 मार्केट अपडेट
SENSEX 81,245.30 ▲ +312.45 (0.39%)NIFTY 50 24,680.15 ▲ +98.20 (0.40%)NIFTY BANK 52,910.60 ▼ -145.30 (0.27%)GOLD (10g) ₹78,450 ▲ +520 (0.67%)SILVER (1kg) ₹98,200 ▲ +1,150 (1.18%)USD/INR 86.42 ▲ +0.08 (0.09%)CRUDE OIL $72.85 ▼ -0.45 (0.61%)SENSEX 81,245.30 ▲ +312.45 (0.39%)NIFTY 50 24,680.15 ▲ +98.20 (0.40%)NIFTY BANK 52,910.60 ▼ -145.30 (0.27%)GOLD (10g) ₹78,450 ▲ +520 (0.67%)SILVER (1kg) ₹98,200 ▲ +1,150 (1.18%)USD/INR 86.42 ▲ +0.08 (0.09%)CRUDE OIL $72.85 ▼ -0.45 (0.61%)
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
IND vs NZ 2nd T20: तिलक के नाबाद 51 से भारत 2-0 से आगे●रामलीला मैदान रैली: 10 लाख का दावा, 1984 पीड़ितों का विरोध●Jio IPO का रिकॉर्ड: 1 करोड़ आवेदन, पर रिटेल सिर्फ 2.74 गुना●शरद पूर्णिमा पर समुद्र मंथन से कैसे प्रकट हुईं माता लक्ष्मी? जानें कथा●शरद पूर्णिमा 2026: आज रात कितने बजे रखें खीर? जानें सही समय, 5 जरूरी नियम●जामिया छात्र संघ चुनाव पर बड़ा बवाल! 12 दिन से भूख हड़ताल, विवादित नारों से बढ़ा तनाव●दिल्ली SIR: 47.6 लाख नाम कटे, सिर्फ 2.5 लाख ने भरा फॉर्म-6●IND vs NZ दूसरा T20: सूर्यवंशी की वापसी, भारत के 2 बड़े बदलाव●अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: 30 साल नहीं बनेगी सरकार●गोरखपुर विसर्जन हादसा: हाईटेंशन तार से 3 की मौत, जांच कमेटी बनी●IND vs NZ 2nd T20: तिलक के नाबाद 51 से भारत 2-0 से आगे●रामलीला मैदान रैली: 10 लाख का दावा, 1984 पीड़ितों का विरोध●Jio IPO का रिकॉर्ड: 1 करोड़ आवेदन, पर रिटेल सिर्फ 2.74 गुना●शरद पूर्णिमा पर समुद्र मंथन से कैसे प्रकट हुईं माता लक्ष्मी? जानें कथा●शरद पूर्णिमा 2026: आज रात कितने बजे रखें खीर? जानें सही समय, 5 जरूरी नियम●जामिया छात्र संघ चुनाव पर बड़ा बवाल! 12 दिन से भूख हड़ताल, विवादित नारों से बढ़ा तनाव●दिल्ली SIR: 47.6 लाख नाम कटे, सिर्फ 2.5 लाख ने भरा फॉर्म-6●IND vs NZ दूसरा T20: सूर्यवंशी की वापसी, भारत के 2 बड़े बदलाव●अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: 30 साल नहीं बनेगी सरकार●गोरखपुर विसर्जन हादसा: हाईटेंशन तार से 3 की मौत, जांच कमेटी बनी●

Ajit Dadanchya death ZP election campaign : वाद्य-फटाके छोड़, घरोघरी जाकर हाथ जोड़ने पर जोर

✍️ Aajkibat📅 January 30, 2026राजनीति

Ajit Dadanchya death ZP election campaign: वाद्य-फटाके छोड़कर हाथ जोड़ने पर जोर

जिल्हा परिषद (ZP) निवडणूक प्रचार में अब बदलाव देखने को मिल रहा है। यह बदलाव अजित दादांच्या निधन के बाद आया है। चुनाव प्रचार की पारंपरिक रणनीति, जिसमें वाद्य, फटाके और बड़े आयोजनों का इस्तेमाल किया जाता था, अब पीछे हट गई है।

प्रचार का नया तरीका

फॉलो किए जा रहे नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रचारक अब घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साधने और हाथ जोड़कर अभिवादन करने पर अधिक जोर दे रहे हैं। इस कदम से यह संदेश भी जाता है कि चुनावी माहौल में संवेदनशीलता और शांति बनाए रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया और स्थानीय प्रतिक्रियाएँ| Ajit Dadanchya death ZP election campaign

स्थानीय लोगों का कहना है कि अजित दादांच्या निधन ने पूरे क्षेत्र में दुख और संवेदनशीलता का माहौल बना दिया है। इस कारण बड़े आयोजनों और शोर-शराबे वाले प्रचार के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस बदलाव का स्वागत किया है और कहा कि इससे चुनाव प्रचार अधिक सुसंस्कृत और शांतिपूर्ण बनेगा।

आगे का चुनावी माहौल

जिल्हा परिषद चुनाव अब अधिक व्यक्तिगत और संवेदनशील तरीके से संचालित हो रहा है। उम्मीदवार और प्रचारक मतदाताओं के घर जाकर उन्हें अपने कार्यक्रम और एजेंडा से अवगत कराएंगे। यह तरीका पिछले वर्षों की तुलना में अधिक लोकप्रिय और प्रभावशाली माना जा रहा है।

Scroll to Top