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5th Gen Fighter Project में बड़ा मोड़, भारी ऑर्डर बुक के चलते HAL बाहर; टाटा, L&T और भारत फोर्ज की दावेदारी बरकरार

✍️ Aajkibat📅 February 5, 2026व्यवसाय

5th Gen Fighter Project: भारी ऑर्डर बुक के कारण HAL बाहर, टाटा-L&T-भारत फोर्ज रेस में

भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस हाई-प्रोफाइल परियोजना की दौड़ से बाहर हो गई है। इसकी वजह HAL की पहले से भरी हुई ऑर्डर बुक और सीमित उत्पादन क्षमता बताई जा रही है।

HAL के बाहर होने के बाद अब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से निजी क्षेत्र की कंपनियों के इर्द-गिर्द सिमटता दिख रहा है, जिनमें टाटा ग्रुप, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत फोर्ज प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आए हैं।


5th Gen Fighter Project| 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट क्यों है खास?

5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को दुनिया की सबसे एडवांस्ड लड़ाकू विमान श्रेणी में गिना जाता है। इनमें आमतौर पर ये खूबियां होती हैं:

  • स्टेल्थ टेक्नोलॉजी (Radar से बचने की क्षमता)
  • सुपरक्रूज़ क्षमता
  • एडवांस्ड एवियोनिक्स और सेंसर
  • नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम
  • मल्टी-रोल कॉम्बैट क्षमता

भारत के लिए यह प्रोजेक्ट वायुसेना की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


HAL क्यों नहीं हो पाई शामिल?

HAL इस समय देश की सबसे बड़ी रक्षा एयरोस्पेस कंपनी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कंपनी पहले से ही कई अहम परियोजनाओं में व्यस्त है, जैसे:

  • तेजस Mk-1A फाइटर जेट की डिलीवरी
  • लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH)
  • एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH)
  • ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और इंजन प्रोग्राम

इन सभी बड़े ऑर्डर्स के चलते HAL की उत्पादन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्षमता पूरी तरह व्यस्त है। ऐसे में 5th generation fighter project जैसे अत्यंत जटिल और संसाधन-गहन कार्यक्रम में उतरना फिलहाल संभव नहीं माना गया।


5th Gen Fighter Project| अब किन कंपनियों पर टिकी निगाह?

HAL के बाहर होने के बाद सरकार और रक्षा प्रतिष्ठान की नजर अब निजी क्षेत्र पर है।

Tata Group

टाटा एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में पहले से मजबूत मौजूदगी रखता है। एयरबस, लॉकहीड मार्टिन जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ टाटा की साझेदारियां इसे इस प्रोजेक्ट के लिए मजबूत दावेदार बनाती हैं।

Larsen & Toubro (L&T)

L&T को जटिल रक्षा प्रणालियों, मिसाइल सिस्टम, शिपबिल्डिंग और हेवी इंजीनियरिंग का लंबा अनुभव है। इसकी तकनीकी क्षमता इस फाइटर प्रोजेक्ट में अहम साबित हो सकती है।

Bharat Forge

भारत फोर्ज हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा कंपोनेंट्स के क्षेत्र में तेजी से उभरती कंपनी है। हाल के वर्षों में कंपनी ने रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश किए हैं।


🇮🇳 ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिहाज से क्यों अहम?

यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए:

  • विदेशी फाइटर जेट्स पर निर्भरता घटेगी
  • घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
  • हाई-एंड टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट होगा
  • हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे

विशेषज्ञ मानते हैं कि निजी कंपनियों की भागीदारी से रक्षा उत्पादन में स्पर्धा और नवाचार दोनों बढ़ेंगे।

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