इस कदम से न केवल कागज़ की बचत हुई बल्कि अदालत की कार्यप्रणाली भी और अधिक इको-फ्रेंडली बनी।

Paper waste prevention| हाईकोर्ट ने क्यों किया सराहना?
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि
हाईकोर्ट ने अन्य अदालतों को भी प्रेरित किया कि वे ऐसे सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज अपनाएं।
पर्यावरण और न्यायपालिका
कागज़ की बचत केवल खर्च में कमी नहीं लाती, बल्कि पेड़ और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मदद करती है। न्यायपालिका में ऐसे कदम यह दिखाते हैं कि सस्टेनेबिलिटी और कानूनी प्रक्रिया साथ-साथ चल सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट्स में ग्रीन प्रैक्टिसेज को अपनाने से पूरे सिस्टम में सकारात्मक बदलाव आएगा।
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