📈 MARKET LIVE
SENSEX ▲ 74,850 +1.2%NIFTY 50 ▲ 22,745 +0.9%RELIANCE ▼ 2,891 -0.4%TCS ▲ 3,410 +1.1%HDFC BANK ▲ 1,567 +0.7%INFOSYS ▲ 1,482 +0.5%USD/INR ▼ 83.42 -0.1%GOLD ▲ ₹71,200 +0.3%NIFTY BANK ▲ 48,320 +0.8%SENSEX ▲ 74,850 +1.2%NIFTY 50 ▲ 22,745 +0.9%RELIANCE ▼ 2,891 -0.4%TCS ▲ 3,410 +1.1%HDFC BANK ▲ 1,567 +0.7%INFOSYS ▲ 1,482 +0.5%USD/INR ▼ 83.42 -0.1%GOLD ▲ ₹71,200 +0.3%NIFTY BANK ▲ 48,320 +0.8%
[ad_inserter group="1"]
बुधवार, 10 जून 2026● LIVE
🔴 BREAKING
◆ मंदिर से खरीदी चादर पर मिला ‘Made in Pakistan’ स्टिकर, महिला के दावे से हड़कंप◆ वास्तु शास्त्र के अनुसार बालकनी में इन पौधों को रखने से बढ़ती है पॉजिटिव एनर्जी◆ रात के अंधेरे में चमका Meteor, Boston के लोगों ने कैमरे में कैद किया अद्भुत नजारा◆ May 2026 Blue Moon: जानिए तारीख, समय और इस दुर्लभ घटना का महत्व◆ iPhone 18 Pro की पहली झलक वायरल! जानिए क्या होगा खास
[ad_inserter group="2"]

Modi ne phone nahin kiya: ट्रंप के करीबी का सनसनीखेज दावा

📤 शेयर करें:WhatsAppFacebookTwitter/XTelegram

[ad_inserter group="6"]

“मैंने पूरी डील सेट कर दी थी। लेकिन मेरी एक ही शर्त थी कि इस सौदे को पक्का करने के लिए मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करना होगा। हालांकि, भारतीय पक्ष इस औपचारिकता को लेकर असहज महसूस कर रहा था और अंततः पीएम मोदी ने वह कॉल नहीं किया।”

लटनिक का कहना है कि भारत “सी-सॉ (झूले) के गलत पक्ष” पर रह गया। जब भारत ने पहल नहीं की, तो अमेरिका ने वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देशों के साथ समझौते कर लिए। लटनिक के अनुसार, भारत अब उन बेहतर शर्तों पर डील करने का मौका खो चुका है।

  1. रूसी तेल का पेंच: ट्रंप प्रशासन भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल और यूरेनियम खरीदे जाने से सख्त नाराज है। इसी कारण भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगाया जा चुका है।
  2. ‘रूस प्रतिबंध विधेयक 2025’: सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया है कि ट्रंप ने एक नए बिल को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों (जैसे भारत, चीन, ब्राजील) से आने वाले सभी सामानों पर न्यूनतम 500% टैरिफ लगाने का प्रावधान है।
  3. उद्देश्य: इसका सीधा मकसद उन देशों की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाना है जो मॉस्को के साथ व्यापार जारी रखकर पुतिन की युद्ध मशीनरी को फंड कर रहे हैं।

भारत का स्पष्ट रुख: “दबाव में नहीं करेंगे सौदा”

अमेरिकी दबाव और इन दावों के बीच भारत सरकार ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट रखा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है:

  • भारत किसी भी “डेडलाइन” या समयसीमा के दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा।
  • भारत “सिर पर बंदूक रखकर” वार्ता नहीं करता; कोई भी सौदा तभी होगा जब वह भारत के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप होगा।
  • भारत की ऊर्जा खरीद बाजार की स्थितियों और भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों पर आधारित है।
📤 शेयर करें:WhatsAppFacebookTwitter/XTelegram

© 2026 Aaj Ki Baat | हिंदी समाचार ताज़ा खबरें — सर्वाधिकार सुरक्षित। इस लेख को बिना अनुमति के copy करना वर्जित है।

[ad_inserter group="6"]

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[ad_inserter group="3"]
Scroll to Top
अगली खबर पढ़ें ›
India EU FTA talks, किसानों और MSMEs के हितों की सुरक्षा पर सहमति
पढ़ें