
इंदौर में घी के सैंपल फेल, सीसा 10 गुना ज्यादा | Indore News
इंदौर न्यूज़: मध्य प्रदेश के इंदौर में घी के सैंपल फेल पैकेटबंद घी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में घी के 28 सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें कुछ नमूनों में सीसा (Lead) की मात्रा तय सीमा से 10 गुना से भी अधिक पाई गई। संबंधित असुरक्षित नमूनों से जुड़े करीब 17 हजार लीटर घी का स्टॉक जांच के दायरे में आया है। यह जानकारी अक्टूबर 2026 में प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार है।
इंदौर में 96 घी के सैंपलों की जांच, 28 घी के सैंपल फेल
खबरों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर में पैक्ड घी के 96 नमूनों की जांच कराई। इनमें से 28 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन 28 नमूनों में 24 को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित और चार को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस जांच के बाद शहर में पैकेटबंद घी की गुणवत्ता और उसकी सप्लाई व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
घी में तय सीमा से 10.5 गुना तक ज्यादा मिला सीसा
इस मामले में सबसे गंभीर बात सीसा (Lead) की अधिक मात्रा है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, असुरक्षित पाए गए नमूनों में से 16 की सीसा संबंधी जांच हुई। इनमें 10 नमूनों में सीसे की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली।
रिपोर्ट में घी में सीसे की स्वीकार्य सीमा 0.02 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम बताई गई है, जबकि कुछ नमूनों में इसकी मात्रा 0.10 से 0.21 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तक पाई गई।
सीसा एक जहरीली भारी धातु है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से शरीर को नुकसान हो सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए इसका जोखिम विशेष रूप से गंभीर हो सकता है।
17 हजार लीटर घी का स्टॉक जांच के दायरे में
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में असुरक्षित पाए गए 24 नमूनों से संबंधित करीब 17,000 लीटर घी का स्टॉक सामने आया है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई शुरू होने से पहले इस स्टॉक का कुछ हिस्सा बाजार में पहुंच चुका था।
रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि करीब 2,550 से 3,400 लीटर घी बाजार तक पहुंचा हो सकता है। यह अनुमान है; इसकी वास्तविक मात्रा और बिक्री की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के आंकड़ों से की जानी चाहिए।
लसूड़िया से सियागंज तक सप्लाई नेटवर्क की जांच
रिपोर्टों के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग संबंधित घी के स्टॉक और उसके वितरण नेटवर्क की जानकारी जुटा रहा है। लसूड़िया, देवास नाका, बांगड़दा, सियागंज, पालदा और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़े डिपो तथा विक्रेताओं की जांच का उल्लेख किया गया है।
अधिकारियों की जांच का उद्देश्य संबंधित उत्पादों की सप्लाई का पता लगाना और असुरक्षित पाए गए स्टॉक के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करना है।
उपभोक्ता पैकेटबंद घी खरीदते समय क्या सावधानी रखें?
इंदौर में सामने आए इस मामले के बाद उपभोक्ताओं को घी खरीदते समय कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- पैकेट पर निर्माता का नाम, बैच नंबर और निर्माण संबंधी जानकारी देखें।
- पैकिंग सील और एक्सपायरी या बेस्ट-बिफोर तारीख की जांच करें।
- संदिग्ध उत्पाद या बिना बिल के बिक्री से बचें।
- यदि किसी उत्पाद के विशेष बैच को लेकर आधिकारिक चेतावनी या रिकॉल जारी हो, तो उसका इस्तेमाल रोककर संबंधित निर्देशों का पालन करें।
- संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।
सिर्फ पैकेट देखकर घी में सीसे की मौजूदगी का पता नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए प्रयोगशाला जांच आवश्यक है।
असुरक्षित पाए गए घी पर आगे क्या कार्रवाई होगी?
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित असुरक्षित स्टॉक के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद असुरक्षित घोषित किए गए स्टॉक को नष्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे संबंधित उत्पादों या ब्रांडों के बारे में किसी अपुष्ट सूची पर भरोसा न करें और खाद्य सुरक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।
निष्कर्ष: इंदौर में पैक्ड घी के 28 नमूनों का जांच में फेल होना और कुछ नमूनों में सीसे की अधिक मात्रा मिलना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। संबंधित स्टॉक, सप्लाई नेटवर्क और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।





