
करवा चौथ 2026: शुभ मुहूर्त, भद्रा और चांद निकलने का समय
करवा चौथ 2026 इस साल 29 । आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पूजा का शुभ मुहूर्त सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट का है, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार भद्रा और शुक्र का मुख्य पूजा पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

करवा चौथ 2026 की तारीख और चतुर्थी तिथि
पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात करीब 1:06 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात करीब 10:09 बजे खत्म होगी। चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि रहने की वजह से करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
करवा चौथ शुभ मुहूर्त: सिर्फ 78 मिनट का समय
इस बार करवा चौथ शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से शाम 6:56 बजे तक रहेगा। यानी पूजा के लिए कुल 1 घंटा 18 मिनट का ही समय मिलेगा। इसलिए पूजा की सारी तैयारी, करवा, दीपक और पूजा सामग्री पहले से रख लेना बेहतर रहेगा।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 से 6:56 बजे तक
- कुल अवधि: 1 घंटा 18 मिनट
- चतुर्थी तिथि: 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे से रात 10:09 बजे तक
करवा चौथ चंद्रोदय समय: दिल्ली में रात 8:17 बजे
दिल्ली में करवा चौथ चंद्रोदय समय लगभग रात 8:17 बजे रहेगा। अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने शहर का सही समय स्थानीय पंचांग से जरूर देख लें। चांद दिखने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखकर अर्घ्य देती हैं और पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ भद्रा का साया: क्या पड़ेगा पूजा पर असर?
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार करवा चौथ भद्रा काल 28 अक्टूबर की सुबह से 29 अक्टूबर की सुबह तक रहेगा। भद्रा को आमतौर पर अशुभ माना जाता है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक दोपहर या शाम की मुख्य पूजा पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। यानी शाम के शुभ मुहूर्त में पूजा बिना किसी चिंता के की जा सकती है।
शुक्र उदय का क्या है मामला?
शुक्र ग्रह 19 अक्टूबर को अस्त हुए थे और 29 अक्टूबर को सुबह 9:39 बजे उदित होंगे। यानी शाम की पूजा के समय शुक्र उदित रहेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार इसका करवा चौथ की पूजा पर कोई असर नहीं पड़ेगा, इसलिए शुक्र अस्त को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
करवा चौथ की पूजा कैसे करें?
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। चांद निकलने से पहले भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार इस दिन 16 श्रृंगार किया जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है।
करवा चौथ का महत्व और व्रत की मान्यता
करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और परिवार की समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह व्रत सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होकर रात को चांद दिखने तक चलता है और इस दौरान महिलाएं अन्न-जल ग्रहण नहीं करतीं। चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन चंद्रोदय का इंतजार सबसे खास होता है और हर साल इसके समय को लेकर लोगों में उत्सुकता रहती है।
करवा चौथ 2026 से जुड़े 5 जरूरी सवाल
1. करवा चौथ 2026 कब है?
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को।
2. पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक, यानी कुल 1 घंटा 18 मिनट।
3. दिल्ली में चांद कब निकलेगा?
दिल्ली में चंद्रोदय लगभग रात 8:17 बजे होगा। दूसरे शहरों में समय थोड़ा अलग हो सकता है।
4. क्या भद्रा काल में पूजा की जा सकती है?
रिपोर्ट के अनुसार भद्रा 29 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी और शाम की मुख्य पूजा पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।
5. क्या शुक्र अस्त का असर पड़ेगा?
शुक्र 29 अक्टूबर को सुबह 9:39 बजे उदित हो जाएंगे, इसलिए ज्योतिषियों के मुताबिक पूजा पर इसका असर नहीं होगा।
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नोट: समय और मुहूर्त दिल्ली के पंचांग के अनुसार हैं और अलग-अलग शहरों में थोड़ा बदल सकते हैं। धार्मिक जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।
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