
Bharat Germany sambandhon ko nai majbuti आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए अहम समझौते साइन
Bharat Germany sambandhon ko nai majbutiआर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए मोदी और मेर्ज़ की मुलाकात
नई दिल्ली — भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने सोमवार को गुजरात राज्य में मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशियाई राष्ट्र और यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच गहरे आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देना था।
मोदी और मेर्ज़ ने गांधीनगर शहर में चर्चा की, जहाँ दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र, कौशल विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों राष्ट्र चीन पर अपनी निर्भरता कम करने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
प्रमुख चर्चाएँ और समझौते
द्विपक्षीय वार्ता के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ (EU) में जर्मनी भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। उन्होंने कहा:
- नए क्षेत्र: दोनों देश जलवायु कार्रवाई, ऊर्जा और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) के खनन जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
- रक्षा सहयोग: रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक ‘रोड मैप’ पर सहमति बनी है।
- पनडुब्बी परियोजना: जर्मनी की ‘थायसेनक्रुप’ कंपनी द्वारा भारतीय फर्मों के साथ मिलकर भारत में छह उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियां बनाने की उम्मीद है।
“हम भारत और जर्मनी के संबंधों को और भी ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहते हैं।” — नरेंद्र मोदी
जर्मनी का दृष्टिकोण
चांसलर मेर्ज़ ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच “जबरदस्त आर्थिक क्षमता” है। उन्होंने भारत को जर्मनी के लिए एक “पसंदीदा भागीदार“ बताया। मेर्ज़ ने इस बात पर भी जोर दिया कि आर्थिक क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत को जल्द पूरा करने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जो भारतीयों के लिए जर्मनी के स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करना आसान बनाएगा।
सांस्कृतिक और भविष्य की यात्राएँ
- सांस्कृतिक जुड़ाव: अपनी यात्रा के दौरान, मेर्ज़ ने साबरमती आश्रम का दौरा किया और साबरमती रिवरफ्रंट परअंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सवमें हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने पीएम मोदी के साथ पतंग भी उड़ाई।
- अगला पड़ाव: चांसलर मेर्ज़ एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बेंगलुरु जाएंगे, जहाँ वे भारतीय और जर्मन व्यापार एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गजों से मुलाकात करेंगे।
यह मेर्ज़ की पिछले साल पदभार संभालने के बाद किसी भी एशियाई देश की पहली यात्रा है। यह दौरा इस महीने के अंत में होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है।





