प्रमुख चर्चाएँ और समझौते
द्विपक्षीय वार्ता के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ (EU) में जर्मनी भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। उन्होंने कहा:
- नए क्षेत्र: दोनों देश जलवायु कार्रवाई, ऊर्जा और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) के खनन जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
- रक्षा सहयोग: रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त विकास और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक ‘रोड मैप’ पर सहमति बनी है।
- पनडुब्बी परियोजना: जर्मनी की ‘थायसेनक्रुप’ कंपनी द्वारा भारतीय फर्मों के साथ मिलकर भारत में छह उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियां बनाने की उम्मीद है।
“हम भारत और जर्मनी के संबंधों को और भी ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहते हैं।” — नरेंद्र मोदी
इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जो भारतीयों के लिए जर्मनी के स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करना आसान बनाएगा।
सांस्कृतिक और भविष्य की यात्राएँ
- सांस्कृतिक जुड़ाव: अपनी यात्रा के दौरान, मेर्ज़ ने साबरमती आश्रम का दौरा किया और साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने पीएम मोदी के साथ पतंग भी उड़ाई।
- अगला पड़ाव: चांसलर मेर्ज़ एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बेंगलुरु जाएंगे, जहाँ वे भारतीय और जर्मन व्यापार एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गजों से मुलाकात करेंगे।
यह मेर्ज़ की पिछले साल पदभार संभालने के बाद किसी भी एशियाई देश की पहली यात्रा है। यह दौरा इस महीने के अंत में होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है।
Table of Contents
© 2026 Aaj Ki Baat | हिंदी समाचार ताज़ा खबरें — सर्वाधिकार सुरक्षित। इस लेख को बिना अनुमति के copy करना वर्जित है।





