
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट: 306 लोगों की फ्लाइट पर हड़कंप, DGCA जांच
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट के बाद बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2030 को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। बोइंग 787-9 विमान में करीब 306 लोग (यात्री और क्रू) सवार थे। जयपुर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान को आइसोलेशन बे में खड़ा कर सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी जांच की। एयर इंडिया ने साफ किया कि विमान सुरक्षित उतरा और जांच के बाद उसे आगे जाने की मंजूरी मिल गई। अब DGCA जांच यह पता लगाएगी कि अलर्ट आखिर आया कहां से।

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एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट: आखिर हुआ क्या?
रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से स्क्वॉक कोड 7500 का सिग्नल मिला, जिसे हाईजैक या गैरकानूनी दखल का अंतरराष्ट्रीय संकेत माना जाता है। प्रोटोकॉल के तहत फ्रैंकफर्ट दिल्ली फ्लाइट को तुरंत जयपुर की ओर मोड़ दिया गया। जयपुर पहुंचने पर विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां CISF, स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने विमान, यात्रियों के सामान और कार्गो हिस्से की तलाशी ली। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में NSG को भी अलर्ट पर रखा गया था।
जांच में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली और अलर्ट को खत्म माना गया। यात्रियों और क्रू की स्क्रीनिंग के बाद वही क्रू विमान को लेकर दोपहर में जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। एक यात्री के हवाले से बताया गया कि क्रू हर कुछ मिनट में अपडेट देता रहा और लैंडिंग के बाद पायलट ने इसे झूठा अलार्म बताया।
स्क्वॉक कोड 7500 क्या होता है?
विमान का ट्रांसपोंडर एटीसी को खास कोड भेजता है। 7500 का मतलब हाईजैक या गैरकानूनी दखल है, 7600 का मतलब रेडियो संचार फेल होना और 7700 का मतलब सामान्य इमरजेंसी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अनुभवी बोइंग 787 पायलटों का कहना है कि यह कोड गलती से दर्ज होना बेहद मुश्किल है, क्योंकि इसे एक-एक अंक करके डालना पड़ता है।
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट पर एयरलाइन का बयान
एयर इंडिया ने कहा कि फ्लाइट को एक संभावित सुरक्षा चिंता के कारण जयपुर मोड़ा गया। एयरलाइन के मुताबिक विमान सुरक्षित उतरा और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद विमान और क्रू को आगे बढ़ने की मंजूरी मिली। एयर इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद भी जताया।
DGCA जांच में किन सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं?
विमानन नियामक DGCA की जांच इस पर केंद्रित है कि 7500 कोड कैसे पहुंचा और सुरक्षा अलर्ट क्यों जारी हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार एटीसी सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका भी परखी जा रही है, खासकर मुंबई एटीसी के नए रडार सिस्टम की। फिलहाल किसी खराबी की पुष्टि नहीं हुई है और अलर्ट की असली वजह साफ नहीं है। DGCA जांच में ये पहलू अहम माने जा रहे हैं:
- क्या कोड कॉकपिट से गया या सिस्टम की ओर से पैदा हुआ
- क्या एटीसी के नए रडार सिस्टम में कोई तकनीकी खामी थी
- क्या अलर्ट मिलने के बाद तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हुआ
रिपोर्ट्स में कहां है उलझन?
अलग-अलग रिपोर्ट्स में कुछ बातें मेल नहीं खातीं। किसी में अलर्ट मिलने की बात मुंबई एटीसी के हवाले से है, तो किसी में अहमदाबाद एटीसी के। पायलट ने कोड भेजने से इनकार किया, जबकि पुलिस सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में बटन गलती से दबने की बात कही गई। चूंकि आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, इसलिए इन दावों को अंतिम सच नहीं माना जा सकता।
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट के बाद आगे क्या?
जांच रिपोर्ट आने तक वजह तय नहीं होगी। अगर गड़बड़ी एटीसी सिस्टम में निकली तो नए रडार सिस्टम की समीक्षा होगी, और अगर कोड कॉकपिट से गया तो पायलट और विमान की तकनीकी जांच होगी। प्रोटोकॉल के तहत ऐसे हर सिग्नल पर तुरंत कार्रवाई होती है, भले ही बाद में वह झूठा अलार्म निकले। यह मुद्दा भी उठाया गया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) में एयर नेविगेशन सर्विसेज के सदस्य का पद कुछ समय से खाली है।
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट पर जरूरी सवाल-जवाब
एयर इंडिया हाईजैक अलर्ट किस फ्लाइट पर आया?
एयर इंडिया की AI2030 पर, जो बोइंग 787-9 विमान से फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही थी।
क्या सच में हाईजैक की कोशिश हुई थी?
नहीं। जयपुर में तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। अलर्ट की वजह की जांच जारी है।
क्या यात्री सुरक्षित हैं?
हां, सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बताए गए हैं और विमान जांच के बाद दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
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