Kidney dialysis support remedy मरीजों के लिए 5 जड़ी-बूटियों का देसी सपोर्ट नुस्खा
Kidney dialysis support remedy में सहायक देसी नुस्खा: नरकाचूर, अश्वगंधा और गोखरू
जिन मरीजों को किडनी की गंभीर समस्या है और हफ्ते में एक या दो बार डायलिसिस होता है, उनके लिए कुछ जड़ी-बूटियाँ पारंपरिक रूप से शरीर को सपोर्ट, कमजोरी कम करने और सामान्य स्वास्थ्य सुधार में सहायक मानी जाती हैं यह नुस्खा इलाज नहीं, बल्कि सपोर्टिव (Supportive Care) के रूप में बताया जाता है।
नुस्खे में इस्तेमाल होने वाली 5 चीज़ें
- नरकाचूर – 100 ग्राम
- अश्वगंधा – 100 ग्राम
- सौंफ – 100 ग्राम
- मुलेठी – 25 ग्राम
- गोखरू – 20 ग्राम
सभी जड़ी-बूटियाँ अच्छी क्वालिटी की और किसी भरोसेमंद जगह से लें।

बनाने का तरीका
- सभी चीज़ों को अलग-अलग साफ करके सुखा लें
- अब इन्हें बारीक पीसकर पाउडर बना लें
- पाउडर को काँच के साफ बर्तन में रखें
सेवन का पारंपरिक तरीका ( डॉक्टर से पूछना ज़रूरी)
- 1 चम्मच सुबह
- 1 चम्मच शाम
- सामान्य पानी या हल्के गुनगुने पानी के साथ
डायलिसिस मरीजों में पोटैशियम, सोडियम और फ्लूइड लिमिट अलग-अलग होती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह सेवन न करें।
पारंपरिक रूप से माने जाने वाले फायदे
- शरीर की कमजोरी और थकान में सहायक
- नसों और मांसपेशियों को सपोर्ट
- यूरिन सिस्टम को सामान्य रूप से सपोर्ट करना
- इम्युनिटी और स्ट्रेंथ में मदद
यह दावा नहीं किया जा सकता कि इससे डायलिसिस कम या बंद हो जाएगा।
किडनी (Kidney) के बारे में संक्षिप्त सारांश
किडनी का काम:
- खून को साफ करना
- शरीर से ज़हरीले तत्व बाहर निकालना
- पानी और नमक का संतुलन बनाए रखना
- ब्लड प्रेशर कंट्रोल में मदद
जब किडनी गंभीर रूप से खराब हो जाती है:
- शरीर खुद से टॉक्सिन नहीं निकाल पाता
- तब डायलिसिस ज़रूरी हो जाता है
कोई भी देसी नुस्खा:
- डायलिसिस का विकल्प नहीं
- केवल शरीर को सपोर्ट कर सकता है
बहुत ज़रूरी चेतावनी (इसे नज़रअंदाज़ न करें)
- बिना डॉक्टर की अनुमति डायलिसिस कम या बंद न करें
- जड़ी-बूटियाँ भी दवा जैसी असर कर सकती हैं
- नेफ्रोलॉजिस्ट से पूछकर ही कोई भी घरेलू उपाय अपनाएँ