प्रमुख कारण और प्रभाव
- रेवेन्यू ग्रोथ में उछाल: इस टैरिफ बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 2027 (FY27) में सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ 16% तक पहुँचने की उम्मीद है, जो FY26 के 7% के अनुमान से दोगुनी से भी ज्यादा है।
- ARPU में वृद्धि: प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में भी 14% की सालाना वृद्धि देखी जा सकती है। कंपनियां अपने ARPU को ₹270 से ₹300 के स्तर तक ले जाना चाहती हैं।
- Jio का IPO: रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में रिलायंस जियो का IPO आने की संभावना है। लिस्टिंग से पहले अपनी वैल्यूएशन को बेहतर करने के लिए जियो टैरिफ में 10-20% की बढ़ोतरी कर सकता है।
कंपनियों की स्थिति
| कंपनी | अनुमानित प्रभाव/रणनीति |
| Reliance Jio | IPO से पहले 10-20% टैरिफ बढ़ाकर भारती एयरटेल के करीब वैल्यूएशन लाने की कोशिश। |
| Bharti Airtel | मध्यम स्तर का निवेश (Capex) और टैरिफ बढ़ोतरी से मुनाफे में सुधार की उम्मीद। |
| Vodafone Idea | कर्ज और बकाया चुकाने के लिए FY27-30 के बीच 45% तक की भारी बढ़ोतरी की जरूरत। |
5G निवेश और घटता खर्च
एनालिस्ट्स का कहना है कि 5G नेटवर्क बिछाने का मुख्य काम अब पूरा हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप:
- कंपनियों का पूंजीगत व्यय (Cap
- Airtel का Capex सेल्स का 20-21% रहने का अनुमान है (जो पहले 22-26% था)।
- Jio का नकद Capex FY25 के 36% से गिरकर FY27 में 15% पर आ सकता है।
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