- रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करता है
- कैमरों और सेंसर से मिलने वाली जानकारी को प्रोसेस करता है
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करता है
इसके आधार पर ट्रैफिक सिग्नल को स्मार्ट तरीके से नियंत्रित किया जाता है, जिससे भीड़भाड़ कम होती है।
सड़क सुरक्षा में कैसे करेगा मदद?
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह सिस्टम
AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग
इस IIT Indore AI system में मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल किया गया है। यह सिस्टम समय के साथ डेटा से सीखता है और अपनी सटीकता को लगातार बेहतर बनाता रहता है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में उपयोग की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बड़े पैमाने पर लागू की जा सकती है। इससे
- शहरी ट्रैफिक दबाव कम होगा
- ईंधन की बचत होगी
- प्रदूषण स्तर में कमी आएगी
भविष्य की योजनाएं
IIT इंदौर की टीम अब इस AI सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ शहरों में लागू करने की योजना बना रही है। भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सकता है।
भारत के लिए क्यों है अहम?
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में IIT Indore AI system जैसी तकनीकें देश के ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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