📈 मार्केट अपडेट
SENSEX 81,245.30 ▲ +312.45 (0.39%)NIFTY 50 24,680.15 ▲ +98.20 (0.40%)NIFTY BANK 52,910.60 ▼ -145.30 (0.27%)GOLD (10g) ₹78,450 ▲ +520 (0.67%)SILVER (1kg) ₹98,200 ▲ +1,150 (1.18%)USD/INR 86.42 ▲ +0.08 (0.09%)CRUDE OIL $72.85 ▼ -0.45 (0.61%)SENSEX 81,245.30 ▲ +312.45 (0.39%)NIFTY 50 24,680.15 ▲ +98.20 (0.40%)NIFTY BANK 52,910.60 ▼ -145.30 (0.27%)GOLD (10g) ₹78,450 ▲ +520 (0.67%)SILVER (1kg) ₹98,200 ▲ +1,150 (1.18%)USD/INR 86.42 ▲ +0.08 (0.09%)CRUDE OIL $72.85 ▼ -0.45 (0.61%)
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
जामिया छात्र संघ चुनाव पर बड़ा बवाल! 12 दिन से भूख हड़ताल, विवादित नारों से बढ़ा तनाव●दिल्ली SIR: 47.6 लाख नाम कटे, सिर्फ 2.5 लाख ने भरा फॉर्म-6●IND vs NZ दूसरा T20: सूर्यवंशी की वापसी, भारत के 2 बड़े बदलाव●अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: 30 साल नहीं बनेगी सरकार●गोरखपुर विसर्जन हादसा: हाईटेंशन तार से 3 की मौत, जांच कमेटी बनी●महू चक्काजाम: 3 दिन से बिजली-पानी गुल, रॉयल टाउन के रहवासी भड़के●सौरव दास आशुतोष रांका रिहा: 50,000 बॉन्ड, क्राइम ब्रांच का समन●सौरव दास आशुतोष रांका: HC से याचिका वापस, दिवाली तक CJP विराम●टाइगर श्रॉफ फायरिंग: 4 और गिरफ्तार, हथियार सप्लाई का बड़ा खुलासा●मोदी दशहरा भाषण: देश के 3 दुश्मन गिनाए, मिलकर लड़ने की अपील●जामिया छात्र संघ चुनाव पर बड़ा बवाल! 12 दिन से भूख हड़ताल, विवादित नारों से बढ़ा तनाव●दिल्ली SIR: 47.6 लाख नाम कटे, सिर्फ 2.5 लाख ने भरा फॉर्म-6●IND vs NZ दूसरा T20: सूर्यवंशी की वापसी, भारत के 2 बड़े बदलाव●अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: 30 साल नहीं बनेगी सरकार●गोरखपुर विसर्जन हादसा: हाईटेंशन तार से 3 की मौत, जांच कमेटी बनी●महू चक्काजाम: 3 दिन से बिजली-पानी गुल, रॉयल टाउन के रहवासी भड़के●सौरव दास आशुतोष रांका रिहा: 50,000 बॉन्ड, क्राइम ब्रांच का समन●सौरव दास आशुतोष रांका: HC से याचिका वापस, दिवाली तक CJP विराम●टाइगर श्रॉफ फायरिंग: 4 और गिरफ्तार, हथियार सप्लाई का बड़ा खुलासा●मोदी दशहरा भाषण: देश के 3 दुश्मन गिनाए, मिलकर लड़ने की अपील●

31 मई रविवार को अधिक मास पूर्णिमा का शुभ संयोग, स्नान-दान और विष्णु पूजा से मिलेगा पुण्य फल

✍️ Aajkibat📅 May 29, 2026हिंदी समाचार

सनातन धर्म में अधिक मास पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। अधिक मास को भगवान विष्णु को समर्पित महीना माना जाता है और इस दौरान आने वाली पूर्णिमा बेहद शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

साल 2026 की अधिक मास पूर्णिमा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार पूर्णिमा पर कई शुभ योग और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।

अधिक मास पूर्णिमा 2026 पर बन रहा दुर्लभ संयोग, स्नान-दान और पूजा से मिलेगा कई गुना पुण्य

इस दिन तुलसी, पीले वस्त्र, फल, अन्न और धन का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अधिक मास को “पुरुषोत्तम मास” भी कहा जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है। खासकर पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है।

भक्त इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर व्रत रखा जाता है। कई लोग गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान भी करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

ज्योतिषो का कहना है कि अधिक मास पूर्णिमा पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव भी देखने को मिलता है। इस दिन ध्यान, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करने से मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

देशभर के मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी और त्रिवेणी संगम जैसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

सोशल मीडिया पर भी अधिक मास पूर्णिमा को लेकर भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक उपायों से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता और व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि सनातन धर्म में अधिक मास पूर्णिमा को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है।

Scroll to Top