Union Budget 2026: 8वीं वेतन आयोग पर कोई घोषणा हुई? जानें पूरी जानकारी
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक सवाल चर्चा में है — क्या इस बजट में 8वीं वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कोई घोषणा की गई है? बजट पेश होने के बाद कई कर्मचारी संघों और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे लेकर अफवाहें फैल गई हैं।
8वीं वेतन आयोग क्या है?
8वीं वेतन आयोग (8th Pay Commission) का मकसद केंद्र और राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन ढांचे का पुनर्मूल्यांकन करना है। इसका काम होता है:
- वर्तमान वेतन और भत्तों का आकलन करना
- महंगाई और जीडीपी ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए नए वेतन पैमाने सुझाना
- पेंशन और अन्य भत्तों में सुधार की सिफारिश करना
भारत में पिछली 7वीं वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू हुई थीं और इसके बाद कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव आया था।
बजट 2026 में क्या हुआ?
पेश हुए बजट 2026 में फिलहाल 8वीं वेतन आयोग के लागू होने या वेतन बढ़ोतरी की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। वित्त मंत्रालय ने केवल यह संकेत दिया कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें 2026-27 के मध्य या अंत तक सामने आ सकती हैं, और इसके लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कर्मचारी और पेंशनर्स की प्रतिक्रिया
सरकारी कर्मचारियों के संघों ने कहा:
“अभी तक बजट में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस पर स्पष्ट मार्गदर्शन देगी।”
पेंशनर्स ने भी मांग की है कि महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द लागू हों।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए: यदि 8वीं वेतन आयोग लागू होती है, तो वेतनमान में 15-20% तक बढ़ोतरी संभव है।
- राज्य कर्मचारियों के लिए: राज्य सरकारों को भी केंद्रीय आयोग के आधार पर अपने वेतन ढांचे में संशोधन करना पड़ सकता है।
- सरकारी बजट पर असर: वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी से सरकार के खर्च में इजाफा होगा, लेकिन इससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।







