Wall Street expectations after rally 2009: बाजारों से बड़ी उम्मीदें
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट ने हाल के महीनों में ऐसा प्रदर्शन किया है, जो 2009 के बाद सबसे बेहतर माना जा रहा है। इस मजबूत रैली के बाद अब निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रह पाएगी या बाजार में करेक्शन देखने को मिलेगा।
रिकॉर्ड रैली के बाद बाजार का मूड
डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। टेक्नोलॉजी, एआई और उपभोक्ता क्षेत्र के शेयरों ने इस तेजी में अहम भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- कॉर्पोरेट मुनाफे में सुधार
- महंगाई में नरमी
- ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें
ने बाजार को मजबूती दी है।
निवेशकों की उम्मीदें और चिंता दोनों
जहां एक ओर निवेशक इस रैली को नई आर्थिक मजबूती का संकेत मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऊंचे वैल्यूएशन चिंता का विषय भी बने हुए हैं।
कई विश्लेषकों का कहना है कि बाजार अब “परफेक्शन” को प्राइस इन कर चुका है, जिससे किसी भी नकारात्मक खबर पर तेज़ उतार-चढ़ाव संभव है।
ब्याज दर और फेड की भूमिका
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी।
अगर ब्याज दरों में कटौती होती है, तो बाजार को और समर्थन मिल सकता है। वहीं दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की स्थिति में निवेशकों की धारणा बदल सकती है।
टेक्नोलॉजी और एआई सेक्टर बना लीडर
वॉल स्ट्रीट की इस रैली में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयर सबसे आगे रहे हैं।
AI आधारित कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
आगे की राह: अवसर या जोखिम?
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अवसर अभी भी मौजूद हैं
- शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है
- ग्लोबल आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक घटनाएं अहम भूमिका निभाएंगी







