Om Birla controversy| अंता उपचुनाव हार के बाद BJP नेता मोरपाल सुमन ने ओम बिरला पर लगाया अंदरूनी साज़िश का आरोप
जयपुर: राजस्थान के अंता उपचुनाव में BJP की हार के दो महीने बाद पार्टी नेता मोरपाल सुमन ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव प्रचार और रणनीति में अंदरूनी साज़िश की गई, जिसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं का नाम उन्होंने लिया।
मोरपाल सुमन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ पार्टी नेताओं ने उनके प्रचार अभियान को कमजोर करने की कोशिश की, जिससे अंता उपचुनाव में जीत हासिल करना मुश्किल हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह आरोप साफ-साफ और नाम के साथ लगाए जा रहे हैं ताकि पार्टी भविष्य में सुधारात्मक कदम उठा सके।
Om Birla controversy BJP का रुख और प्रतिक्रिया
BJP के वरिष्ठ नेताओं ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के आरोपों की भीतरी समीक्षा की जा रही है। संभावित रणनीति सुधार और आगामी चुनावों के लिए बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।

राजनीतिक विश्लेषक क्या कहते हैं?
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अंता उपचुनाव में हार और मोरपाल सुमन के आरोप पार्टी के लिए संतुलन बनाए रखने और आलोचनाओं को दूर करने का संकेत हैं। उनका कहना है कि ऐसे विवाद कभी-कभी सत्ता संरचना और चुनाव रणनीति में बदलाव की शुरुआत भी कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पार्टी इस विवाद को समय रहते संभालती है, तो आगामी चुनावों में इसकी रणनीति मजबूत हो सकती है।
मोरपाल सुमन कौन हैं?
मोरपाल सुमन BJP के वरिष्ठ नेता और राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्हें पार्टी में विशेष रूप से चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मामलों में अनुभव माना जाता है। उनके बयान अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनते हैं।
Om Birla controversy| ओम बिरला और विवाद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का नाम इस मामले में इसलिए सामने आया क्योंकि मोरपाल सुमन ने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार अभियान को प्रभावित करने के लिए अंदरूनी कदम उठाए। इस मामले ने पार्टी में हलचल पैदा कर दी है और राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावों के लिए एक अहम संकेत मान रहे हैं।







