Indore 7 star city स्वच्छ शहर के दामन पर दाग: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में नगर निगम के भीतर फैले भ्रष्टाचार के जाल को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। करोड़ों रुपये के फर्जी बिल घोटाले (Fake Bill Scam) और शहर में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर सीएम के निर्देश पर अधिकारियों पर गाज गिरी है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की छवि को धूमिल करने वाले भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में हुए ‘फर्जी बिल घोटाले’ और प्रशासनिक ढिलाई को लेकर सीएम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यहाँ इस घटनाक्रम पर आधारित विस्तृत समाचार रिपोर्ट दी गई है:
स्वच्छ शहर के दामन पर दाग: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन
प्रमुख कार्रवाईयाँ:
- आयुक्त (Commissioner) को नोटिस: नगर निगम कमिश्नर को कार्य में लापरवाही और निगरानी की कमी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- अपर आयुक्त (Additional Commissioner) हटाए गए: प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए अपर आयुक्त को पद से हटा दिया गया है।
- लापरवाह इंजीनियर बर्खास्त: जांच में दोषी पाए गए और कार्यों में भारी लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (Dismiss) करने के आदेश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर नगर निगम में पिछले कुछ समय से ड्रेनेज और निर्माण कार्यों के नाम पर बिना काम किए ही करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला सुर्खियों में रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले में कई निजी फर्मों और निगम के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि “स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है।” उन्होंने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कदम उठाए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
“सबसे स्वच्छ शहर के दामन पे धब्बा”
इंदौर ने लगातार 7 बार स्वच्छता का खिताब जीतकर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। लेकिन हालिया घोटालों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जानकारों का मानना है कि यह “सफेदपोश भ्रष्टाचार” शहर की मेहनत से कमाई गई छवि को नुकसान पहुँचा रहा है।
मुख्यमंत्री का संदेश: “भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमारी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाला कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बख्शा नहीं जाएगा।”






