AIIMS doctor Zomato Temple device की तीखी प्रतिक्रिया, वैज्ञानिक आधार पर सवाल
जोमैटो के CEO द्वारा हाल ही में प्रचारित किए गए ‘टेम्पल’ डिवाइस को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। अब इस बहस में AIIMS के एक वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इस डिवाइस की वैज्ञानिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
AIIMS डॉक्टर का कहना है कि इस डिवाइस का दावा जिस तरह से किया जा रहा है, उसका वर्तमान मेडिकल साइंस में कोई ठोस आधार नहीं है।
क्या है ‘टेम्पल’ डिवाइस?
‘टेम्पल’ डिवाइस को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। इसे एक तरह के वेलनेस या माइंड-फोकस गैजेट के रूप में पेश किया गया है, जिसे पहनने या इस्तेमाल करने से तनाव कम होने का दावा किया जा रहा है।
AIIMS डॉक्टर ने क्या कहा?
AIIMS के डॉक्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि:
“ऐसे किसी भी डिवाइस का समर्थन करने से पहले उसके पीछे ठोस वैज्ञानिक अध्ययन, क्लीनिकल ट्रायल और प्रमाण होना जरूरी है। फिलहाल ‘टेम्पल’ डिवाइस के दावे जीरो साइंटिफिक स्टैंडिंग रखते हैं।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बिना वैज्ञानिक प्रमाण के ऐसे प्रोडक्ट्स लोगों को गुमराह कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर दो राय
डिवाइस को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है।
- एक वर्ग इसे नवाचार और वैकल्पिक वेलनेस के रूप में देख रहा है
- दूसरा वर्ग इसे छद्म विज्ञान (Pseudoscience) करार दे रहा है
AIIMS डॉक्टर की प्रतिक्रिया के बाद बहस और तेज हो गई है।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मेडिकल या वेलनेस डिवाइस को अपनाने से पहले उसके वैज्ञानिक प्रमाण, FDA या नियामक मंजूरी और क्लीनिकल डेटा देखना जरूरी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रमाणित तरीकों जैसे थेरेपी, योग, ध्यान और मेडिकल सलाह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जोमैटो CEO की प्रतिक्रिया?
अब तक जोमैटो CEO की ओर से AIIMS डॉक्टर की टिप्पणी पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा को देखते हुए जल्द ही कोई स्पष्टीकरण आने की संभावना जताई जा रही है।







