Direct Tax Reforms 2026-27|सेंट्रल सरकार ने साझा किए अहम डायरेक्ट टैक्स सुधार के बजट से पहले तैयारियां शुरू

0
7
Direct Tax Reforms 2026-27

Direct Tax Reforms 2026-27|केंद्र सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) सुधार पूरे किए

केंद्र सरकार ने निवेश निश्चितता बढ़ाने और करदाताओं पर अनुपालन (compliance) का बोझ कम करने के उद्देश्य से हालिया बजट में घोषित कई प्रमुख प्रत्यक्ष कर सुधारों को लागू कर दिया है। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने से पहले, वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से इन विधायी परिवर्तनों की प्रगति का विवरण दिया है।|Direct Tax Reforms 2026-27

यहाँ इन सुधारों के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:

1. वैकल्पिक निवेश कोष (AIFs) के लिए कर स्पष्टता

  • उद्देश्य: AIFs के लिए “कराधान की निश्चितता” प्रदान करना।
  • बदलाव: वित्त अधिनियम, 2025 ने धारा 2(14) में संशोधन किया है। अब श्रेणी I और II AIFs द्वारा रखी गई किसी भी प्रतिभूति (securities) को स्पष्ट रूप से ‘पूंजीगत संपत्ति’ (Capital Assets) माना जाएगा।
  • प्रभाव: इन प्रतिभूतियों के हस्तांतरण से होने वाली आय पर अब पूंजीगत लाभ’ (Capital Gains) के तहत कर लगेगा, न कि ‘व्यावसायिक लाभ’ के तहत। यह नियम 1 अप्रैल, 2026 (मूल्यांकन वर्ष 2026-27) से प्रभावी होगा और भारतीय AIFs को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के बराबर लाएगा।

2. घरेलू स्टार्टअप और विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा

  • स्टार्टअप: धारा 80-IAC में संशोधन करके पात्र स्टार्टअप्स के निगमन (incorporation) की समय सीमा 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दी गई है
  • इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए धारा 44BBD के तहत एक नई अनुमानित कराधान व्यवस्था (presumptive taxation regime) शुरू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयों को सेवाएं या तकनीक प्रदान करने वाले अनिवासियों (non-residents) पर अब सकल प्राप्तियों (gross receipts) के 25% अनुमानित लाभ पर कर लगाया जाएगा।|Direct Tax Reforms 2026-27

3. बुनियादी ढांचा और वित्तीय सेवाओं के लिए समर्थन

  • जहाज रानी (Shipping): धारा 115VD में संशोधन करके ‘टनेज टैक्स स्कीम’ का विस्तार अंतर्देशीय जहाजों (inland vessels) तक किया गया है। यह 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।
  • IFSC: अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में जहाज-लीजिंग इकाइयों, बीमा कार्यालयों और वैश्विक कंपनियों के ट्रेजरी केंद्रों के लिए कर रियायतों को पांच साल के लिए बढ़ाकर 31 मार्च, 2030 तक कर दिया गया है।|Direct Tax Reforms 2026-27

4. व्यक्तिगत करदाताओं (Individual Taxpayers) के लिए राहत

  • NSS: 29 अगस्त, 2024 को या उसके बाद राष्ट्रीय बचत योजना (NSS) से की गई निकासी अब “पूरी तरह से कर-मुक्त” है।
  • NPS वात्सल्य: माता-पिता या अभिभावक अब धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 तक की अतिरिक्त कटौती के पात्र हैं (यह धारा 80C की सीमा के ऊपर है)।
  • संपत्ति कर: करदाता अब बिना किसी शर्त के दो संपत्तियों (two properties) के लिए ‘शून्य वार्षिक मूल्य’ का दावा कर सकते हैं। इसके लिए अब रोजगार के कारण घर खाली रहने का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है।|Direct Tax Reforms 2026-27

5. मुकदमेबाजी में कमी और अनुपालन में आसानी

  • ट्रांसफर प्राइसिंग असेसमेंट के लिए तीन साल की ब्लॉक अवधि शुरू की गई है।
  • ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) नियमों का दायरा बढ़ाया गया है। इसका लाभ उठाने के लिए टर्नओवर की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ कर दी गई है, और इसमें इलेक्ट्रिक वाहन (EV) घटकों जैसे नए क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
  • छोटे धर्मार्थ ट्रस्टों (Charitable trusts) के लिए पंजीकरण की वैधता 5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here