मार्केट कपलिंग पर APTEL की सुनवाई से पहले IEX Share Price Fall 4% से ज्यादा गिरे, निवेशकों में चिंता

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IEX Share Price Fall

IEX Share Price Fall 4% से ज्यादा गिरावट मार्केट कपलिंग पर APTEL सुनवाई से पहले निवेशकों में बेचैनी

भारत की सबसे बड़ी पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज Indian Energy Exchange (IEX) के शेयरों में बुधवार को तेज दबाव देखने को मिला। बाजार खुलते ही IEX Share Price Fall में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह मार्केट कपलिंग (Market Coupling) को लेकर APTEL (Appellate Tribunal for Electricity) में होने वाली अहम सुनवाई मानी जा रही है।

रेगुलेटरी अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका असर सीधे शेयर की कीमत पर दिख रहा है।


IEX शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?

IEX Share Price Fall में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मार्केट कपलिंग को लेकर बढ़ती चिंता है। बाजार को डर है कि अगर सरकार और रेगुलेटर इस व्यवस्था को लागू करते हैं, तो इससे IEX के मौजूदा बिजनेस मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता है।

IEX फिलहाल देश का सबसे बड़ा पावर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां बिजली की कीमतों की खोज (Price Discovery) स्वतंत्र रूप से होती है। मार्केट कपलिंग लागू होने पर यह प्रक्रिया सीमित हो सकती है।


मार्केट कपलिंग क्या है? आसान भाषा में समझें| IEX Share Price Fall

मार्केट कपलिंग एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें देश के सभी पावर एक्सचेंजों की बिजली खरीद–फरोख्त को एक सेंट्रल एल्गोरिदम के जरिए जोड़ा जाता है।

इसके तहत:

  • बिजली की कीमतें एक केंद्रीय प्रणाली से तय होंगी
  • अलग-अलग एक्सचेंजों पर अलग कीमतें नहीं होंगी
  • प्रतिस्पर्धा के बजाय यूनिफॉर्म प्राइस सिस्टम लागू होगा

सरकार का मानना है कि इससे बिजली बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन एक्सचेंजों को इसका नुकसान हो सकता है।


APTEL की सुनवाई क्यों है इतनी अहम?

APTEL में चल रही सुनवाई इस बात पर तय करेगी कि:

  • मार्केट कपलिंग को किस रूप में लागू किया जाएगा
  • पावर एक्सचेंजों की भूमिका क्या रहेगी
  • प्राइस डिस्कवरी सिस्टम में कितना बदलाव होगा

अगर ट्रिब्यूनल सरकार या रेगुलेटर के पक्ष में फैसला देता है, तो IEX की:

  • बाजार हिस्सेदारी
  • ट्रेडिंग वॉल्यूम
  • रेवेन्यू ग्रोथ

तीनों पर असर पड़ सकता है।


IEX के बिजनेस मॉडल पर क्या पड़ेगा असर?

IEX का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से:

  • हाई वॉल्यूम ट्रेडिंग
  • स्वतंत्र प्राइस डिस्कवरी
  • टेक्नोलॉजी-ड्रिवन प्लेटफॉर्म

पर आधारित है।

मार्केट कपलिंग लागू होने पर:

  • एक्सचेंज की फीस स्ट्रक्चर प्रभावित हो सकती है
  • प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है
  • निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है

यही वजह है कि शेयर बाजार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रहा है।


शेयर बाजार की प्रतिक्रिया क्या कहती है?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • शॉर्ट टर्म में IEX शेयरों में वोलैटिलिटी बनी रहेगी
  • APTEL के फैसले तक निवेशक जोखिम लेने से बच सकते हैं
  • रेगुलेटरी क्लैरिटी आने के बाद ही ट्रेंड साफ होगा

कुछ ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि लॉन्ग टर्म में IEX की मजबूत स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन निकट भविष्य में अनिश्चितता रहेगी।


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