भारत की बुलेट ट्रेन लागत लगभग दोगुनी होकर $23 बिलियन (≈ ₹1.98 लाख करोड़) के करीब — हिंदी समाचार
भारत की पहली मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना की लागत अब शुरुआती अनुमान से लगभग दोगुनी हो गई है और यह लगभग ₹1.98 लाख करोड़ (लगभग $23 बिलियन) तक पहुँच गई है। यह जानकारी रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने दी है।
क्या हुआ?
पहले इस प्रोजेक्ट का अनुमानित खर्च लगभग ₹1.08 लाख करोड़ था, लेकिन अब कुल लागत में लगभग 83% वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी वजह चार साल से अधिक की प्रोजेक्ट में देरी, भूमि अधिग्रहण में अड़चनें, COVID-19 महामारी के कारण विलंब और अन्य खर्चों का बढ़ जाना बताया जा रहा है।
क्या आगे होगा?
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधित लागत का अंतिम कैबिनेट अनुमोदन जल्द ही (एक-दो महीनों के भीतर) लिया जाएगा। परियोजना 508 किलोमीटर लंबा है और इसे चरणों में पूरा किया जाएगा। शुरुआती खंड सूरत-बिलिमोरा के बीच अगस्त 2027 तक चलने की उम्मीद है, जबकि पूरा कॉरिडोर दिसंबर 2029 तक operational होने का अनुमान है।
क्या आगे होगा?
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधित लागत का अंतिम कैबिनेट अनुमोदन जल्द ही (एक-दो महीनों के भीतर) लिया जाएगा। परियोजना 508 किलोमीटर लंबा है और इसे चरणों में पूरा किया जाएगा। शुरुआती खंड सूरत-बिलिमोरा के बीच अगस्त 2027 तक चलने की उम्मीद है, जबकि पूरा कॉरिडोर दिसंबर 2029 तक operational होने का अनुमान है।







