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Ramjet-powered 155mm artillery shell India तोप का गोला, रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

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  • यह शेल उड़ान के दौरान खुद को लगातार प्रोपल्शन देता है
  • इसकी रेंज पारंपरिक 155 मिमी गोले से काफी अधिक होती है
  • उच्च गति और सटीकता इसकी सबसे बड़ी खासियत है

विशेषज्ञों के अनुसार, यह गोला दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और गहरी मार करने में बेहद प्रभावी साबित होगा।

भारतीय सेना की ताकत में बड़ा इजाफा

इस नई तकनीक के शामिल होने से भारतीय सेना की—

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा

रामजेट-पावर्ड 155 मिमी शेल का विकास स्वदेशी तकनीक के तहत किया गया है। यह उपलब्धि भारत की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को नई मजबूती देती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे—

  • आयात पर निर्भरता घटेगी
  • स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
  • भारत रक्षा निर्यातक देश बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा

जल्द होगा ऑपरेशनल

सूत्रों के मुताबिक, यह अत्याधुनिक आर्टिलरी शेल जल्द ही ऑपरेशनल होने वाला है। सेना द्वारा इसके ट्रायल्स लगभग पूरे कर लिए गए हैं और शुरुआती नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं।
ऑपरेशनल होने के बाद इसे 155 मिमी आर्टिलरी गन्स जैसे—

  • धनुष
  • के-9 वज्र
  • एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS)

के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पहचान

रामजेट तकनीक को आर्टिलरी शेल में सफलतापूर्वक लागू करना वैश्विक स्तर पर एक बड़ी तकनीकी चुनौती माना जाता है। भारत की यह सफलता दर्शाती है कि देश अब केवल हथियार आयातक नहीं, बल्कि उन्नत रक्षा तकनीक का विकासकर्ता बन चुका है।

रक्षा विशेषज्ञों की राय

रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि—

  • यह तकनीक भविष्य के युद्धों में निर्णायक साबित होगी
  • भारत की आर्टिलरी क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी
  • दुश्मन देशों के लिए यह एक मजबूत रणनीतिक संदेश है
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