जुकाम और नजला का देसी इलाज प्याज से छींक और बलगम Gale ke reshiy mein Rahat
अगर किसी को अचानक से जुकाम हो जाए, बार-बार छींक आने लगे या लंबे समय से नजला (पुराना जुकाम) की परेशानी बनी हुई हो, तो हमारे घर की रसोई में मौजूद प्याज को पारंपरिक रूप से एक कारगर उपाय माना जाता है।
लोक अनुभवों के अनुसार, जिन लोगों को:
- बार-बार जुकाम हो जाता है
- नाक से बलगम गिरता रहता है
- गले में बलगम का रेशा अटक जाता है
- छींक रुकने का नाम नहीं लेती
वे इस आसान घरेलू तरीके को अपनाते हैं।
प्याज इस्तेमाल करने का तरीका
सामग्री
- 1 मध्यम आकार का प्याज
- (वैकल्पिक) थोड़ा सा नींबू
विधि
- एक प्याज को सीधे आग में डालकर भून लें
- जब प्याज अंदर से पूरी तरह नरम और पका हुआ हो जाए, तो उसे बाहर निकाल लें
- ठंडा होने के बाद छिलका उतार दें
सेवन कैसे करें
- पुराने नजला और गले के रेशे के लिए:
भुने हुए प्याज पर थोड़ा सा नींबू निचोड़ें और चबा-चबा कर खाएं - अचानक हुए जुकाम और छींक के लिए:
बिना नींबू के भी प्याज को चबा-चबा कर खाना फायदेमंद माना जाता है
पारंपरिक मान्यता के अनुसार:
- प्याज बलगम को पतला करने में मदद करता है
- नाक और गले की जकड़न कम करता है
- छींक और नजला में राहत देता है
जरूरी सावधानी
- अगर तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, या जुकाम लंबे समय तक बना रहे
- बच्चों, बुजुर्गों या अस्थमा के मरीजों में
तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यह उपाय इलाज नहीं, बल्कि घरेलू सहायक उपाय के रूप में बताया जाता है।
जुकाम और नजला के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Summary)
जुकाम (Cold)
- वायरल संक्रमण या ठंडी हवा से होता है
- छींक, नाक बहना, गले में खराश इसके लक्षण हैं
नजला (Chronic Cold)
- लंबे समय तक बना रहने वाला जुकाम
- बार-बार बलगम बनना और गले में रेशा
घरेलू उपायों की भूमिका
- शरीर को अस्थायी राहत मिल सकती है
- बलगम और सूजन में कमी महसूस हो सकती है
- इम्यून सिस्टम को सपोर्ट मिलता है







