2026 की शुरुआत में Reliance industries market cap giravat को बड़ा झटका, मे 15 अरब डॉलर की गिरावट

Reliance industries market cap giravat: निवेशकों की चिंता बढ़ी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के लिए साल की शुरुआत काफी नुकसानदेह रही है। कंपनी के शेयरों में 6% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक खुदरा क्षेत्र (Retail) के कमजोर आउटलुक और रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के कड़े रुख को लेकर चिंतित हैं। अब सबकी नजरें आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी हैं, जिनसे इस गिरावट के थमने की उम्मीद है।

बाजार मूल्य में भारी गिरावट

इस साल अब तक हुई बिकवाली ने कंपनी के बाजार मूल्य (Market Value) से लगभग $15 बिलियन (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये) साफ कर दिए हैं। यह हाल के वर्षों में रिलायंस के लिए साल की सबसे खराब शुरुआतों में से एक है, जिसका असर भारतीय बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों (Nifty/Sensex) पर भी पड़ा है। रिलायंस 16 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजे घोषित करेगी।


खुदरा क्षेत्र और भू-राजनीतिक दबाव

  • कमजोर मांग: भारत के कई बड़े रिटेलर्स ने उपभोक्ता मांग में कमी के संकेत दिए हैं। इससे यह डर पैदा हो गया है कि रिलायंस के रिटेल सेगमेंट में भी सुस्ती देखने को मिल सकती है।
  • अमेरिकी कानून का प्रस्ताव: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा रूसी तेल खरीदने वाले देशों को लक्षित करने वाले कानून के प्रस्ताव के बाद निवेशकों की धारणा और खराब हुई। इस कारण रिलायंस के शेयरों में साप्ताहिक गिरावट 7% के पार चली गई, जो पिछले 15 महीनों में सबसे अधिक है।

पिछले साल रिलायंस के शेयरों में लगभग 30% की तेजी आई थी, जिसका मुख्य कारण Jio Platforms Ltd. के संभावित IPO की उम्मीदें थीं। हालांकि, रूसी तेल पर अमेरिकी कार्रवाई की चिंता ने अब निवेशकों के उत्साह को ठंडा कर दिया है।


विश्लेषकों का नजरिया (Analyst View)

गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के विश्लेषकों का मानना है कि दिसंबर तिमाही में रिलायंस के रिटेल बिजनेस की ग्रोथ धीमी रह सकती है, लेकिन इसकी भरपाई ऊर्जा (Energy) व्यवसाय में मजबूत वृद्धि से हो सकती है।

“शेयरों में हालिया बिकवाली का कारण रूसी कच्चे तेल के शोधन (Refining) से जुड़ी चिंताएं और रिटेल सेक्टर में छाई सुस्ती हो सकती है।” — निखिल भंडारी और उनकी टीम (गोल्डमैन सैक्स रिपोर्ट, 9 जनवरी)

क्या अभी भी निवेश का मौका है?

इतनी गिरावट के बावजूद, रिलायंस को लेकर बाजार का भरोसा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है:

  • बाय रेटिंग: $100 बिलियन से अधिक मार्केट कैप वाली वैश्विक तेल और गैस कंपनियों में रिलायंस पर सबसे अधिक (35 विश्लेषकों की) ‘Buy’ रेटिंग है।
  • बढ़त की संभावना: ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, विश्लेषकों का मानना है कि अगले 12 महीनों में शेयर में 16% तक की बढ़त हो सकती है।
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