‘उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया गया’— Prashant Bhushan Manmohan Singh death anniversary
देश के पूर्व प्रधानमंत्री Prashant Bhushan Manmohan Singh death anniversary पर वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक ऐसे आंदोलन का हिस्सा रहे, जिसने पूर्व पीएम की छवि को नुकसान पहुंचाया, और अब उन्हें इस पर गहरा अफसोस है।
प्रशांत भूषण ने कहा कि उस दौर में कई बातें एकतरफा नैरेटिव के आधार पर पेश की गईं, जिससे मनमोहन सिंह जैसे ईमानदार और विद्वान नेता को गलत तरीके से विलेनाइज किया गया। उन्होंने यह भी माना कि इतिहास को अब नए सिरे से देखने की जरूरत है।
प्रशांत भूषण ने क्या कहा?
प्रशांत भूषण के अनुसार:
- वे उस आंदोलन का हिस्सा थे जिसने मनमोहन सिंह की छवि को नुकसान पहुंचाया
- अब उन्हें लगता है कि आलोचना निष्पक्ष नहीं थी
- मनमोहन सिंह एक ईमानदार और सादगीपूर्ण नेता थे
उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम का योगदान भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए अहम रहा है।
मनमोहन सिंह की विरासत
डॉ. मनमोहन सिंह को:
- भारत के आर्थिक सुधारों का मुख्य शिल्पकार माना जाता है
- एक शांत, विद्वान और सिद्धांतवादी नेता के रूप में याद किया जाता है
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है
उनकी पुण्यतिथि पर देशभर से कई नेताओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
प्रशांत भूषण के इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे एक देर से आया आत्ममंथन बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे ईमानदार स्वीकारोक्ति मान रहे हैं।







