संस्थागत निवेश बना India IPO market 2025 बाज़ार की रीढ़
नई दिल्ली: India IPO market 2025 (IPO) बाज़ार भले ही सक्रिय नजर आया हो, लेकिन इसकी मजबूती मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के भरोसे टिकी रही। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, खुदरा निवेशकों की भागीदारी सीमित रही, जबकि बड़े घरेलू और विदेशी संस्थानों ने अधिकांश इश्यू को सहारा दिया।
डेटा के मुताबिक, कई बड़े और मिड-साइज आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। वहीं रिटेल कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा, जिससे यह संकेत मिला कि आम निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव और वैल्यूएशन को लेकर सतर्क बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों का दबाव और भू-राजनीतिक कारक आईपीओ बाजार की संरचना को प्रभावित करते रहे। इसके बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा बना रहना भारतीय पूंजी बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
आने वाले समय में बाजार की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या रिटेल निवेशकों का विश्वास दोबारा लौटता है और आईपीओ बाजार में संतुलित भागीदारी देखने को मिलती है या नहीं।







