22 अप्रैल को विश्व स्तर पर और भारत में Earth Day (विश्व पृथ्वी दिवस) मनाया जाता है। यह दिन पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को समर्पित एक प्रमुख वैश्विक आयोजन है, जिसे वर्ष 1970 से हर साल मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाती है।
दुनिया भर में इस दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ प्रमुख होती हैं। भारत में भी स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान और सामाजिक संगठन इस दिन पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं।
विश्व पृथ्वी दिवस का मुख्य उद्देश्य :-
पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदूषण व वनों की कटाई के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए लोगों को जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
इतिहास के नजरिए से भी 22 अप्रैल का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कई ऐतिहासिक घटनाएं और महान व्यक्तित्वों से जुड़े प्रसंग भी याद किए जाते हैं, जो समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।
आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। छोटे-छोटे कदम जैसे प्लास्टिक का कम उपयोग, पेड़ लगाना, पानी और बिजली की बचत करके हम पृथ्वी को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।







