Bharti Airtel Q3 Results: बढ़ी लागत से मुनाफा 55% घटकर ₹6,630 करोड़
देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) साल-दर-साल आधार पर 55% गिरकर ₹6,630 करोड़ रह गया। कंपनी के मुनाफे पर बढ़ती ऑपरेटिंग लागत और स्पेक्ट्रम से जुड़े खर्चों का सीधा असर पड़ा है।
Bharti Airtel Q3 Results| बढ़ती लागत ने डाला मुनाफे पर असर
Q3 के दौरान Airtel की कुल लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। इसमें मुख्य रूप से:
- नेटवर्क विस्तार से जुड़े खर्च
- 5G सेवाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश
- स्पेक्ट्रम शुल्क और लाइसेंस फीस
शामिल रहे। इन्हीं वजहों से कंपनी का मुनाफा दबाव में आ गया।

रेवेन्यू और ग्राहक आधार में स्थिरता
हालांकि मुनाफा घटा है, लेकिन Airtel का रेवेन्यू प्रदर्शन अपेक्षाकृत स्थिर रहा। कंपनी के मोबाइल और डेटा सेगमेंट में ग्राहकों की संख्या में वृद्धि जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती डेटा खपत और डिजिटल सेवाओं की मांग से Airtel के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू आउटलुक पर सकारात्मक असर रह सकता है।
5G निवेश बना बड़ा फैक्टर
Airtel ने हाल के वर्षों में 5G नेटवर्क के विस्तार पर भारी निवेश किया है। Q3 में भी:
- 5G रोलआउट
- नेटवर्क क्वालिटी सुधार
- नई टेक्नोलॉजी में निवेश
के चलते खर्च बढ़ा। कंपनी का कहना है कि ये निवेश भविष्य में बेहतर रेवेन्यू और ग्राहक अनुभव में मदद करेंगे।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
Q3 नतीजों के बाद Bharti Airtel के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव रह सकता है, लेकिन मजबूत बिजनेस मॉडल के चलते लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए स्टॉक आकर्षक बना रह सकता है।
आगे की रणनीति क्या होगी?
कंपनी मैनेजमेंट के अनुसार, आने वाली तिमाहियों में फोकस रहेगा:
- लागत नियंत्रण (Cost Optimization)
- 5G सेवाओं से रेवेन्यू बढ़ाने पर
- डिजिटल और एंटरप्राइज सेगमेंट के विस्तार पर
इन पहलों से भविष्य में मुनाफे में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।







